Updated: Jan 2026 • By Account Hub Team
अगर आप मध्य प्रदेश (MP) में माल एक जगह से दूसरी जगह भेज रहे हैं, तो E-Way Bill के नियम थोड़े अलग हैं। अक्सर व्यापारी सेंट्रल लिमिट (50,000) और एमपी लिमिट (1,00,000) में कन्फ्यूज हो जाते हैं।
इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि MP में माल भेजते समय कब E-Way Bill बनाना अनिवार्य है और कब छूट मिलती है।
E-Way Bill कब जनरेट करना है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि माल कहाँ जा रहा है:
| मूवमेंट (Movement) | Condition | Limit (Bill Value) |
|---|---|---|
| Inter-State (MP से दूसरे राज्य में) |
जब माल MP से बाहर जा रहा हो या बाहर से आ रहा हो। | > ₹50,000 |
| Intra-State (MP के अंदर एक जिले से दूसरे जिले) |
जब माल की डिलीवरी MP के अंदर ही होनी है। | > ₹1,00,000 |
| Job Work | अगर माल जॉब वर्क के लिए बाहर जा रहा है। | > ₹50,000 (Mandatory) |
ध्यान दें! ₹1 लाख वाली छूट (Intra-State) इन चीजों पर लागू नहीं होती। अगर आप इनका व्यापार करते हैं, तो लिमिट ₹50,000 ही मानी जाएगी:
बिल बनने के बाद वह कितने समय तक मान्य रहता है, यह दूरी (Distance) पर निर्भर करता है:
अगर गाड़ी बिना E-Way Bill के पकड़ी जाती है, तो भारी जुर्माना लग सकता है:
अगर आप इंदौर या MP में बिज़नेस कर रहे हैं, तो ₹1 लाख की लिमिट का फायदा उठाएं, लेकिन बिल वैल्यू में टैक्स (GST) जोड़कर टोटल वैल्यू चेक करना न भूलें। सुरक्षा के लिए, ₹50,000 से ऊपर के हर बिल पर E-Way Bill बनाना एक अच्छी आदत है।