Updated: Jan 2026 • By Account Hub Team
GST में फर्जी बिलिंग रोकने के लिए सरकार ने E-Invoicing (Electronic Invoicing) सिस्टम लागू किया है। अब आपको अपने कंप्यूटर से बने बिल को सरकारी पोर्टल (IRP) पर अपलोड करके एक QR Code जनरेट करना होता है।
अगर आप पर यह नियम लागू है और आपने बिना QR Code वाला बिल दिया, तो वह बिल Invalid (रद्दी) माना जाएगा और सामने वाले को इनपुट (ITC) नहीं मिलेगा।
E-Invoice सिर्फ B2B (Business to Business) ट्रांजैक्शन के लिए जरूरी है।
| Transaction Type | E-Invoice Required? |
|---|---|
| B2B Supply (Registered Party को माल बेचा) | ✅ YES (Mandatory) |
| Export (विदेश में माल भेजा) | ✅ YES |
| B2C Supply (आम ग्राहक को बेचा) | ❌ NO (Not Required) |
| Delivery Challan | ❌ NO |
आपको अलग से किसी वेबसाइट पर जाकर टाइप करने की जरूरत नहीं है। आजकल Tally Prime जैसे सॉफ्टवेयर्स में यह फीचर इनबिल्ट होता है:
भले ही टर्नओवर ₹5 करोड़ से ज्यादा हो, इन सेक्टर्स को E-Invoice नहीं बनाना है:
अगर आपका टर्नओवर 5 करोड़ पार कर चुका है, तो रिस्क न लें। E-Invoice न बनाने पर बिल की वैल्यू का 100% पेनल्टी (या ₹10,000, जो भी ज्यादा हो) लग सकती है।