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Income Tax

Tax Audit कब ज़रूरी होता है? (Section 44AB)

Updated: Jan 2026 • By Account Hub Team

हर व्यापारी को Income Tax Return (ITR) तो भरना ही होता है, लेकिन कुछ बिज़नेस को अपने खातों (Books of Accounts) की जांच CA (Chartered Accountant) से करवानी पड़ती है। इसे ही Tax Audit कहते हैं।

इनकम टैक्स एक्ट के Section 44AB के तहत टर्नओवर की कुछ लिमिट्स तय की गई हैं। अगर आप उन लिमिट्स को पार करते हैं, तो ऑडिट अनिवार्य है।

Quick Rule (Business):
अगर आपका सालाना टर्नओवर ₹1 करोड़ से ज्यादा है, तो ऑडिट जरूरी है।
(नोट: अगर 95% लेन-देन डिजिटल है, तो यह लिमिट ₹10 करोड़ है।)

1. बिज़नेस (Business) के लिए लिमिट्स

बिज़नेस के लिए ऑडिट लिमिट 3 स्थितियों पर निर्भर करती है:

Category Condition Audit Limit
Normal Business ज्यादातर काम कैश (Cash) में होता है। Turnover > ₹1 Cr
Digital Business कैश लेन-देन (Cash Receipts & Payments) कुल टर्नओवर का 5% से कम है। Turnover > ₹10 Cr
Presumptive (44AD) अगर आप 44AD स्कीम में हैं लेकिन प्रॉफिट 8% या 6% से कम दिखा रहे हैं। अगर Basic Exemption से ऊपर इनकम है।

2. प्रोफेशनल्स (Professionals) के लिए लिमिट्स

अगर आप डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, CA या आर्किटेक्ट हैं, तो आपके लिए नियम अलग हैं (Section 44ADA):

3. ऑडिट न करवाने पर पेनल्टी (Penalty)

अगर आप ऑडिट के दायरे में आते हैं और आपने समय पर (DueDate: आमतौर पर 30 सितंबर) ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं की, तो भारी जुर्माना लग सकता है:

(इन दोनों में से जो भी कम होगा, वो पेनल्टी लगेगी।)


निष्कर्ष (Conclusion)

अगर आपका बिज़नेस बढ़ रहा है, तो मार्च खत्म होने से पहले अपना टर्नओवर चेक कर लें। अगर आप लिमिट (1 Cr / 10 Cr) के करीब हैं, तो अपने CA से सलाह लें और समय पर बुक्स तैयार रखें।

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